श्वेता त्रिपाठी अपने पहले हॉरर फ़िल्म ‘नावा’ का निर्माण करेंगी

मुंबई,

 अभिनेत्री-निर्माता श्वेता त्रिपाठी अपने बैनर बैंडरफुल फ़िल्म्स के तहत अपनी पहली हॉरर फ़िल्म नावा का निर्माण कर रही हैं, जिसे कोवातांडा फ़िल्म्स इंडिया के साथ मिलकर बनाया जाएगा।

फिल्म ‘नावा’ श्वेता त्रिपाठी का दूसरा प्रोडक्शन वेंचर है। इससे पहले वह तिलोत्तमा शोम अभिनीत क्वियर ड्रामा मुझे जान न कहो मेरी जान को प्रोड्यूस कर चुकी हैं। सुंदरबन के खूबसूरत लेकिन डरावने और रहस्यमयी मैंग्रोव जंगलों पर आधारित फिल्म नावा की कहानी तारा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पुश्तैनी घर लौटने पर पीढ़ियों पुराने एक सिहरनभरे रहस्य में फंस जाती है, जहां नदी के देवता, दबी हुई पारिवारिक सच्चाइयाँ और लोककथाओं तथा हकीकत का धुंधला संगम उसकी ज़िंदगी को घेरने लगता है। आकाश मोहिमेन द्वारा लिखित यह फ़िल्म लोककथाओं, भय और भावनाओं का प्रभावशाली मिश्रण पेश करती है।

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श्वेता त्रिपाठी ने कहा, “नावा मेरे लिए एक निर्माता के रूप में बहुत खास कदम है। ‘मुझे जान न कहो मेरी जान’, जो प्रेम और पहचान पर आधारित थी, के बाद मुझे एक बिल्कुल अलग भावनात्मक दुनिया को एक्सप्लोर करने की चाह हुई। हॉरर, खासकर तब जब वह संस्कृति और लोककथाओं से बुना जाए, लोगों को अप्रत्याशित तरीकों से छूने की क्षमता रखता है। सुंदरबन सिर्फ इस कहानी की लोकेशन नहीं है। वह जीवित है, साँस लेता है, बचाता भी है और डराता भी है। जब आकाश ने मुझे स्क्रिप्ट सुनाई, तो मैं उसकी खूबसूरती, उसके भय और उसकी आत्मा से खिंच गई। एक निर्माता के रूप में मैं ऐसी कहानियों को समर्थन देना चाहती हूँ जो जोखिम लें, परतदार हों, और दर्शकों के मन में फ़िल्म खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक बनी रहें। कोवातांडा फ़िल्म्स इंडिया के साथ मिलकर नावा बनाना एक परफेक्ट सहयोग है, क्योंकि हम दोनों ही सार्थक और सिनेमाई कहानी कहने के प्रति समान जुनून रखते हैं।”

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